इस्लामिक कैलेंडर (हिजरी) के आखिरी महीने 'ज़ुल-हिज्जा' की दसवीं तारीख को ईद-उल-अज़हा मनाई जाती है. यह त्योहार पैगंबर हज़रत इब्राहिम (अलैहिस सलाम) के उस महान बलिदान की याद में मनाया जाता है. इस त्योहार का मूल मकसद इंसान के भीतर से 'मैं' यानी अहंकार और लालच को खत्म करना है.