बिहार के बेगूसराय को कम्युनिस्ट विचारधारा के कारण पूरब का लेलिनग्राद कहा जाता था और यहां लाल झंडे का दबदबा था. तेघरा विधानसभा क्षेत्र में लगभग पांच दशकों तक वामपंथ का प्रभाव रहा, लेकिन बाद में यह धीरे-धीरे कमजोर होता गया. 2010 में बीजेपी के ललन कुंवर ने बेगूसराय में वामपंथ को हराकर कमल का फूल खिला दिया.