स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध के शंखनाद की शुरुआत की और गो रक्षा के लिए यात्रा शुरू की उन्होंने सरकार से 40 दिनों में गोमाता को राज्यमाता घोषित करने और गो हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की शंकराचार्य ने गंगा पूजन कर अपनी मांगों को लेकर गो रक्षा का संकल्प लिया