उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया के दौरान राज्यभर में कुल 2.89 करोड़ लोगों के नाम काटे गए हैं. लखनऊ जिले में 30 प्रतिशत नाम हटाए जाने से राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि SIR प्रक्रिया के लिए अब कोई समय सीमा बढ़ाई नहीं जाएगी.