श्रीराम मंदिर ट्रस्ट ने ऑडिटर की गड़बड़ी रिपोर्ट को नजरअंदाज कर नए फ्रेशर CA को हिसाब-किताब का काम सौंपा था ट्रस्ट ने नामी ऑडिट फर्म से हिसाब किताब कराने के सुझाव को खर्च बचाने के कारण ठुकरा दिया था सस्ते कर्मचारियों को मंदिर में लगाया गया और सीसीटीवी फुटेज की सुरक्षा में भी ट्रस्ट ने लापरवाही बरती