बूंदी जिले के देई कस्बे में भाईदूज के दो दिन बाद 500 साल पुरानी बाबा घास भैरू की सवारी निकाली जाती है इस सवारी में बैलों को पूजा के बाद मदिरा पिलाई जाती है और पटाखों की बारिश के बीच दौड़ाया जाता है लोग बैलों को रंग-बिरंगे कपड़े, घंटियां और फूलों की माला से सजाते हैं और आसपास के जिलों से दर्शक जुटते हैं