लोकसभा में महिला आरक्षण बिल संविधान संशोधन होने के कारण दो-तिहाई बहुमत न मिलने से पास नहीं हो सका. महिला आरक्षण बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 वोट की जरूरत थी. अन्य दो बिल महिला आरक्षण से जुड़े थे, लेकिन 131वें संशोधन बिल न पास होने पर उन्हें वापस ले लिया गया.