शिया समुदाय के लिए ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई मरजा-ए-तकलीद और वली-ए-फकीह थे. उनकी मौत को कर्बला की शहादत से जोड़कर देखा जा रहा है, इसलिए मातम और गुस्सा गहरा है. गजा और प्रतिरोध की राजनीति ने उन्हें ‘जुल्म के खिलाफ खड़े नेता’ की छवि दी.