मिडिल ईस्ट के संकट के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कमी से निपटने के लिए देश रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व बनाते हैं भारी मात्रा में तेल को जमीन के नीचे बनी प्राकृतिक या नमक की गुफाओं में सुरक्षित रखा जाता है भारत में विशाखापट्टनम, मैंगलोर और पाडुर में कुल तीन स्थानों पर भूमिगत तेल भंडार की क्षमता 3.9 करोड़ बैरल है