सुप्रीम कोर्ट ने झूठी FIR दर्ज कराने और सबूत गढ़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की याचिका पर नोटिस जारी किया याचिका में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 215 और 379 के मौजूदा स्वरूप को चुनौती दी गई है वर्तमान में झूठी FIR या झूठे सबूत से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने का अधिकार केवल केस के जज को ही है