सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के दोषी व्यक्ति को 22 वर्षों से जेल में रहने के बाद जमानत दी है. ओडिशा हाई कोर्ट ने आपराधिक अपील को बिना तथ्य जांचे केवल देरी के आधार पर खारिज कर दिया था. शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के रवैये पर चिंता जताते हुए सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया.