PM मोदी ने कहा कि वर्तमान विश्व की अनिश्चितताओं के बीच भारत एक सेतु निर्माता के रूप में उभर रहा है उन्होंने आर्थिक वृद्धि को "हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ" शब्द से जोड़ने की मानसिकता को गुलामी का प्रतिबिंब बताया. पीएम मोदी ने तथाकथित बुद्धिजीवियों पर हर मुद्दे में सांप्रदायिकता खोजने का आरोप लगाया और उनकी आलोचना की.