बिहार सरकार ने सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है. अब राज्य में कोई भी सरकारी डॉक्टर प्राइवेट क्लिनिक या प्राइवेट अस्पताल में कार्य नहीं कर सकेंगे. यह निर्णय 7 निश्चय-3 कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर राज्य सरकार की सहमति से लिया गया है.