न्यायमूर्ति सूर्यकांत भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में लगभग पंद्रह महीनों तक कार्य करेंगे. उन्होंने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में सेवा दी और 2019 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने. सूर्यकांत कई महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल रहे, जिनमें राजद्रोह कानून को अस्थायी रूप से स्थगित करना भी शामिल है.