शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम आंदोलन के दौरान धर्म और जाति से ऊपर उठकर किसान और ग्रामीण अधिकारों की राजनीति की शुभेंदु की सभाओं में हिंदू और मुस्लिम समान रूप से शामिल होते थे और दोनों धर्मों के नारे गूंजते थे ममता बनर्जी से दूरी और बीजेपी की बढ़ती ताकत को देखते हुए शुभेंदु ने दिसंबर २०२० में भाजपा का दामन थामा