वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी 6.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है. क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार खुदरा महंगाई दर इस साल औसतन चार प्रतिशत रह सकती है जो पिछले साल से कम है. बेहतर मॉनसून और आयकर में राहत से ग्रामीण खपत और घरेलू खर्च बढ़ने की उम्मीद है जिससे आर्थिक विकास को सपोर्ट मिलेगा.