बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद कुल 65 लाख से अधिक वोटरों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं. सीमांचल के चार जिलों में 9.88 प्रतिशत मतदाताओं के नाम कटे हैं, जहां एनडीए का दबदबा रहा. मगध क्षेत्र में मात्र 6.98 प्रतिशत वोटरों के नाम कटे हैं, इस क्षेत्र में महागठबंधन मजबूत स्थिति में है.