बिहार की राजनीति में जातिगत समीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और सभी पार्टियां इसे नजरअंदाज नहीं कर सकतीं डेहरी विधानसभा सीट पर क्षत्रिय उम्मीदवारों को पिछले पैंतीस वर्षों में लगातार हार का सामना करना पड़ा है डेहरी में क्षत्रिय मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं, लेकिन उनका वोटिंग पैटर्न परंपरागत रूप से सफल नहीं रहा है