पेस चेन्नई ओपन में आंद्रे सा के साथ जोड़ी बनाकर खेल रहे हैं (फाइल फोटो)
चेन्नई:
वरिष्ठ भारतीय टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस की 2017 सत्र की शुरुआत निशानाजनक रही और चेन्नई ओपन में आज यहां उनकी तथा आंद्रे सा की जोड़ी को हार का सामना करना पड़ा. पेस और उनके जोड़ीदार को दिविज शरण और पूरव राजा की जोड़ी ने 67 मिनट चले मुकाबले में 6-4, 6-4 से हराया.
43 वर्षीय पेस तुलनात्मक रूप से ज्यादा फुर्तीले दिखे और उन्होंने कुछ शानदार प्वाइंट हासिल किए लेकिन नए जोड़ीदार के साथ कम अभ्यास के कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा. गौरतलब है कि पेस ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि वे अपने चमकदार करियर के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुके हैं. हालांकि वह डेविस कप में नवनियुक्त गैर खिलाड़ी कप्तान महेश भूपति के नेतृत्व में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिये तैयार हैं. पेस से पूछा गया था कि अगर वह डेविस कप में रिकॉर्ड 43वीं जीत हासिल करने में सफल रहते हैं तो क्या संन्यास पर विचार करेंगे, इस सवाल का कूटनीतिक जवाब देते हुए उन्होंने कहा था "आप को पता चल जाएगा."
महेश भूपति अब भारतीय डेविस कप टीम के गैरखिलाड़ी कप्तान हैं और पेस से इस बारे में सवाल किए गए क्योंकि उनके अपने पूर्व साथी के साथ संबंध बहुत अच्छे नहीं रहे. पेस ने ऐसे ही एक सवाल के जवाब में कहा, "कप्तान के पास योग्यता होनी चाहिए और उनके (भूपति) पास कप्तान बनने के लिए सभी योग्यताएं हैं. अगले 18 महीनों में हम देखेंगे कि क्या होता है."पेस ने कहा था,"मैं अब मजे के लिये खेलता हूं. मैं इसलिए खेलता हूं क्योंकि मुझे यह खेल पसंद है क्योंकि मैं इस खेल के प्रति जुनूनी हूं. एक समय आएगा. जबकि मुझे खेल छोड़ना होगा. वह समय आने से पहले सभी का शुक्रिया. यह शानदार सफर रहा. आप सभी ने 20 वर्ष तक मेरा अच्छा साथ दिया इसलिए आभार."
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
43 वर्षीय पेस तुलनात्मक रूप से ज्यादा फुर्तीले दिखे और उन्होंने कुछ शानदार प्वाइंट हासिल किए लेकिन नए जोड़ीदार के साथ कम अभ्यास के कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा. गौरतलब है कि पेस ने हाल ही में संकेत दिए हैं कि वे अपने चमकदार करियर के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुके हैं. हालांकि वह डेविस कप में नवनियुक्त गैर खिलाड़ी कप्तान महेश भूपति के नेतृत्व में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिये तैयार हैं. पेस से पूछा गया था कि अगर वह डेविस कप में रिकॉर्ड 43वीं जीत हासिल करने में सफल रहते हैं तो क्या संन्यास पर विचार करेंगे, इस सवाल का कूटनीतिक जवाब देते हुए उन्होंने कहा था "आप को पता चल जाएगा."
महेश भूपति अब भारतीय डेविस कप टीम के गैरखिलाड़ी कप्तान हैं और पेस से इस बारे में सवाल किए गए क्योंकि उनके अपने पूर्व साथी के साथ संबंध बहुत अच्छे नहीं रहे. पेस ने ऐसे ही एक सवाल के जवाब में कहा, "कप्तान के पास योग्यता होनी चाहिए और उनके (भूपति) पास कप्तान बनने के लिए सभी योग्यताएं हैं. अगले 18 महीनों में हम देखेंगे कि क्या होता है."पेस ने कहा था,"मैं अब मजे के लिये खेलता हूं. मैं इसलिए खेलता हूं क्योंकि मुझे यह खेल पसंद है क्योंकि मैं इस खेल के प्रति जुनूनी हूं. एक समय आएगा. जबकि मुझे खेल छोड़ना होगा. वह समय आने से पहले सभी का शुक्रिया. यह शानदार सफर रहा. आप सभी ने 20 वर्ष तक मेरा अच्छा साथ दिया इसलिए आभार."
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