NDTV Khabar

महाराष्ट्र में 85 फीसदी डेल्टा प्लस वेरिएंट के मामले, 12 हजार सैंपल की हो चुकी है जीनोम सीक्वेंसिंग

 Share

आम कोविड मरीजों की तुलना में डेल्टा प्लस के जो मरीज हैं, उनमें थोड़े अलग लक्षण भी नजर आ रहे हैं. जैसे कि पेट में दर्द होना, बॉडी पर रेसिज और पैर की उंगलियों का रंग बदलना जैसे लक्षण अगर कोविड मरीजों में दिख रहे हैं, तो उनके सैंपल लिए जा रहे हैं और जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जा रहे हैं. इस साल फरवरी महीने से लेकर जुलाई तक में करीब 12 हजार सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग हुई है. महाराष्ट्र के जो नतीजे हैं, उनमें 85 फीसदी डेल्टा प्लस वेरिएंट के मामले सामने आए हैं.



Advertisement

 
 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com