UN की नई रिपोर्ट के अनुसार उत्तर कोरिया में पिछले दस वर्षों में मानवाधिकारों की स्थिति और भी खराब हुई है. किम जोंग-उन की सरकार ने नागरिकों पर निगरानी और दमन में तेजी लाकर असंतोष के सभी संकेतों को दबाया है. विदेशी टीवी शो देखना या साझा करना जैसे मामूली अपराधों के लिए भी उत्तर कोरिया में मौत की सजा दी जाती है.