धराली गांव में आए विनाशकारी सैलाब में आधे से ज्यादा इलाका तबाह आपदा के वक्त गांव में जो लोग मौजूद थे, उनमें स्थानीय, मजदूर और पर्यटक शामिल थे आपदा के समय मदद के लिए चिल्लाया और सीटियां बजाईं, लेकिन संभलने तक का मौका नहीं मिला