ब्रिटिश शासनकाल में मुंबई में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या के कारण उन्हें मारने की नीति लागू की गई थी 1832 में सरकार ने आवारा कुत्ते मारने वाले नागरिकों को आठ आने ईनाम देने की व्यवस्था की ईनाम नीति के कारण कई पालतू कुत्तों को भी गलत तरीके से पकड़कर मार दिया गया था