सरकार और मनोज जरांगे पाटील के बीच हुई कई घंटों की बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी. मनोज जरांगे पाटील शनिवार से खुले मैदान में आमरण अनशन शुरू करने पर अड़े हैं. 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड मिलने के बावजूद अब तक सभी पात्र लोगों को प्रमाणपत्र क्यों नहीं दिए गए.