झारखंड में 2018 से 2025 के बीच पुलिस हिरासत में 437 लोगों की मौत दर्ज की गई है. झारखंड हाई कोर्ट ने हिरासत में मौतों से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा. जनहित याचिका में हिरासत में मौतों की ज्यूडिशियल जांच की मांग की गई थी.