उद्धव को साल 2019 में BJP से गठबंधन तोड़कर कांग्रेस-एनसीपी के साथ नया महाविकास आघाड़ी गठबंधन बनाना भारी पड़ा. मुख्यमंत्री पद खुद लेने का फैसला उनके और एकनाथ शिंदे के बीच मतभेदों को बढ़ावा देने वाला साबित हुआ. कोरोना महामारी और महाविकास आघाड़ी के घटक दलों के बीच आपसी विवादों ने ठाकरे सरकार को कमजोर कर दिया.