रोहित आर्य को एक साल पहले पुणे के नवी पेठ इलाके में आंदोलन के दौरान दौरा पड़ा था और शिवसेना नेता ने मदद की थी. रोहित आर्य सरकार से चार करोड़ रुपये के बकाया भुगतान के लिए आंदोलन कर रहे थे, लेकिन निराश होकर टूट गए थे. शिवसेना नेता सूरज लोखंडे ने कहा कि रोहित का कदम गलत था, लेकिन सरकार की वजह से वह मजबूर हुआ था.