बॉम्बे हाईकोर्ट में IVF और अन्य सहायक प्रजनन तकनीकों की अधिकतम उम्र सीमा को चुनौती दी गई है. 21-50 वर्ष की उम्र की महिलाओं को ही IVF तकनीक की अनुमति है, जिसके कारण दो वरिष्ठ महिलाओं को इलाज से इनकार हुआ. याचिकाकर्ताओं ने उम्र सीमा को भेदभावपूर्ण बताया और व्यक्तिगत मेडिकल जांच के आधार पर निर्णय की मांग की है.