सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे पति को तलाक का आदेश सही ठहराया जो पत्नी से लगभग पंद्रह वर्षों से अलग रह रहा था. अदालत ने कहा कि लंबे समय तक अलग रहना, वैवाहिक संबंधों का पूरी तरह खत्म हो जाना विवाह के परित्याग का प्रमाण है. पति ने मानसिक क्रूरता का आधार बताते हुए याचिका दायर की थी, जिसमें पत्नी ने वैवाहिक संबंधों से इनकार किया था.