सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जैविक पिता नहीं होने पर बच्चे का मेंटेनेंस देने से व्यक्ति को बाध्य नहीं किया जा सकता शादी के दौरान जन्मे बच्चे के पितृत्व के लिए डीएनए टेस्ट को अदालत ने मान्यता दी और उसकी रिपोर्ट को महत्व दिया इंडियन एविडेंस एक्ट की धारा 112 के तहत शादी के दौरान जन्मे बच्चे को वैध माना जाता है