महाराष्ट्र सरकार ने कक्षा एक से दसवीं तक मराठी भाषा को सभी स्कूलों में अनिवार्य कर दिया है. मंत्री दादा भुसे ने उन स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी जो मराठी पढ़ाने में विफल रहते हैं. राज्य सरकार पहले ही इस संबंध में कानून बना चुकी है और मार्च दो हजार बीस में अधिसूचना जारी कर चुकी है.