'कर्नाटक के सपूत' के तौर पर पीएम ने थिमय्या का नाम लिया था. 1957 से 1961 के बीच भारतीय सेना के प्रमुख रहे. 1957 को भारतीय सेना प्रमुख के रूप में नियुक्ति.