जम्मू-श्रीनगर हाईवे को हल्के वाहनों के लिए एकतरफा खोल दिया गया है लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही अभी भी बंद है. राजमार्ग बंद रहने से कश्मीर घाटी में जरूरी वस्तुओं की किल्लत बढ़ गई है और सेब किसानों को भारी नुकसान हुआ है. घाटी की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बाहरी आपूर्ति पर निर्भर है, जिससे राजमार्ग बंद होने से व्यापार चौपट हो गया है.