बिहार ने दो हजार पांच से पंद्रह के बीच सड़क, बुनियादी ढांचा और विद्युतीकरण में उल्लेखनीय सुधार किया था. पिछले दस वर्षों में बिहार की प्रति व्यक्ति आय भारत के औसत से काफी कम रहकर विकास में ठहराव दिखाती है. राज्य को वैश्विक निवेश आकर्षित करने के लिए शिक्षा सुधार और उद्योगों में नई पहल की सख्त आवश्यकता है.