प्रधान न्यायाधीश ने पारंपरिक मुकदमेबाजी के बोझ को कम करने के लिए कानूनी सहायता, मध्यस्थता की जरूर पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि कानूनी सहायता, मध्यस्थता के जरिये हर नागरिक के लिए न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि मध्यस्थता से लंबित मामलों में तेजी से कमी और न्याय प्रणाली की मजबूती संभव है.