सीबीआई ने महुआ मोइत्रा और दर्शन हीरानंदानी से जुड़े 'कैश फॉर क्वेरी' मामले में लोकपाल को रिपोर्ट सौंप दी है. सीबीआई ने लोकपाल की सिफारिश पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पिछले साल FIR दर्ज की थी. महुआ पर भ्रष्ट आचरण में लिप्त होने और हीरानंदानी से पैसे लेकर संसदीय विशेषाधिकारों से समझौता करने का आरोप है.