वित्त मंत्री ने 53.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया जो पिछले बजट से 5.5 प्रतिशत अधिक है. बजट भाषण में टैक्स शब्द का 156 बार, आय का 98 बार और मैन्युफैक्चरिंग का 89 बार उल्लेख कर आर्थिक उन्नति पर जोर. ड्यूटी/शुल्क का 53 बार और कस्टम्स का 47 बार उल्लेख कर व्यापार और सीमा शुल्क नीतियों को प्रमुखता दी गई है.