जिंदगी के फलसफे पर नन्ही लेखिका की कलम
India
Updated: Jan 15, 2011
जिंदगी खुद में इतनी बड़ ी पहेली है कि बड़े-बड़े विचारकों ने अपने-अपने तरीके से इसे सुलझाने की कोशिश की है, लेकिन ऐसे जटिल विषय पर 10 साल की नन्ही लेखिका क्या सोचती है और कैसे इन पहेलियों को पॉजिटिव तरीके से सुलझाती है, यह जानना वाकई दिलचस्प हो सकता है...
Read more