मुंबई की लोकल ट्रेनों में 11 जुलाई 2006 को हुए बम धमाकों के मामले में सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया गया है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने पहचान परेड की प्रक्रिया को नियमों के खिलाफ बताया और इसे खारिज कर दिया. अदालत ने कहा कि इस मामले में यह भी नहीं बताया गया कि धमाके किस प्रकार के बम से किए गए थे.