संस्कृत भाषा में ग्रेजुएट करने वाले स्टूडेंट नौकरी को लेकर चिंतित हैं. संस्कृत पढने के लिए एडमिशन कम होते जा रहे हैं. संस्कृत की उपयोगिता और व्यवहार्यता को लेकर सवाल उठने लगे हैं.