सत्येंद्र सिंह और सुमन देवी ने मधुमक्खी पालन से गरीबी से उबरकर लाखों रुपये की कमाई करना शुरू किया शुरुआत में सीमित संसाधनों के साथ 20 मधुमक्खी बॉक्स से शहद उत्पादन की शुरुआत की गई थी आज उनके पास सौ से अधिक बॉक्स हैं और वे पूरी तरह रसायन-मुक्त शहद का उत्पादन करते हैं