बिहार सरकार ने शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग को खारिज करते हुए इसे सभी दलों की सहमति से पारित बताया. जीतन राम मांझी और विधायक माधव आनंद ने शराबबंदी से राज्य को भारी वित्तीय नुकसान होने की बात कही. संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि शराबबंदी कानून की समीक्षा का कोई सवाल ही नहीं उठता है.