पवन सिंह ने 2024 के लोकसभा चुनाव में काराकाट सीट से निर्दलीय लड़कर बीजेपी को नुकसान पहुंचाया था. अब अमित शाह से मुलाकात और उपेंद्र कुशवाहा से माफी से सवाल है कि वह BJP को कितना लाभ पहुंचा सकते हैं. हालांकि पवन सिंह का स्टारडम कई स्थानीय नेताओं के वर्चस्व को चुनौती दे सकता है.