राजो सिंह ने 1972 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर शिवशंकर सिंह को हराया था. राजो सिंह परिवार की तीसरी पीढ़ी के जदयू विधायक सुदर्शन को इस बार चुनावी टिकट नहीं मिला. सुदर्शन के टिकट कटने का कारण बिहार विधानसभा में आया पिछला अविश्वास प्रस्ताव बताया जा रहा है.