आर्कटिक क्षेत्र ने अक्टूबर 2024 से सितंबर 2025 के बीच अपने इतिहास का सबसे गर्म साल दर्ज किया है पर्माफ्रॉस्ट के पिघलने से नदियों का रंग लाल-नारंगी हो रहा है, जिससे पानी की गुणवत्ता खराब हो रही है मार्च 2025 में समुद्री बर्फ का स्तर पिछले 47 वर्षों में सबसे कम पाया गया और बर्फ की मोटाई 28 प्रतिशत घट गई है