ख्वाज़ा आसिफ ने चीन को भरोसेमंद सहयोगी बताया और कहा कि पाकिस्तान ने चीन से महत्वपूर्ण हथियार प्राप्त किए हैं. आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते हमेशा लेन-देन पर आधारित रहे हैं. ख्वाज़ा आसिफ ने सेना प्रमुख की भूमिका पर सवालों से बचाव किया और राजनीतिक नियुक्ति होने की बात कही.