CM योगी और PM मोदी की दिल्ली बैठक के बाद उत्तर प्रदेश में कैबिनेट विस्तार की चर्चा जोरों पर है. वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 54 मंत्री हैं जबकि अधिकतम 60 मंत्री हो सकते हैं, जिससे 6 पद खाली हैं. भाजपा का उद्देश्य जातीय संतुलन मजबूत करना और ओबीसी तथा एससी वर्ग को कैबिनेट में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देना है.