अयोध्या के राम मंदिर में दान और आभूषणों के लेखा-जोखा में गड़बड़ियों और शिकायतों की जानकारी थी. ट्रस्ट ने बिना रसीद या कच्ची रसीद के नाम पर दान की चोरी के आरोपों को नजरअंदाज किया गया. आभूषणों के हिसाब किताब में अनियमितताएं थीं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए.