शरद पवार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेकर महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवार के रूप में निर्विरोध चुना गया है पवार के राजनीतिक अनुभव की शुरुआत 1967 में हुई थी और अब उनका संसदीय अनुभव 65 वर्षों तक पहुंच जाएगा महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ती ‘बाबा संस्कृति’ को चिंताजनक बताया और समाज सुधारकों के विचारों का समर्थन किया