शरद पवार ने कहा कि राजनीति का मकसद लोगों के लिए काम करना होना चाहिए, चुनाव को निर्विरोध कराना लोकतांत्रिक नहीं राज्यसभा जाने का फैसला कांग्रेस के समर्थन से हुआ, पार्टी विलय पर कई दौर की बातचीत हुई लेकिन अंतिम निर्णय नहीं परिवार में मुखिया ही आगे की भूमिका तय करता है, शरद पवार ने चुनाव न लड़ने और उम्मीदवार न उतारने का फैसला लिया